0+रात की रौशनी (रक्त बंधन पुस्तक 2)
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Описание
कवन वइलडर न उस जनम क दन स ह कस कगर क भख आख स दख ह जब वह कशरवसथ म पहच, त उस पर अपन सथ क रप म दव करन क परलभन जलद ह उसक और उसक अत-सरकषतमक भइय क बच दरर बन गय जब उनक पतओ न यदध म एक-दसर क मर डल, त दन परवर क बच सबध टट गए और वह सरकषत रप स उसक पहच स बहर ह गई कवन दर स उसक पछ करत रहत ह, और जब वह उसस दर रहन क बत भल जत ह, त उस अदज़ हत ह क पशचक यदध क अचछ बद भ हत ह कट सटस न बरस स नइट लइट क मलक क नह दख थ वह तब तक ह जब तक कवन अचनक उसक अपहरण करन क फसल नह करत ह और उस पर वमपयर हतयओ म उस फसन क आरप लगत ह यह महसस कर क क दशमन उनक सथ खल रह ह, दन परवर अपन शकत क एक-जट करत ह तक पशच क उनक शहर क आतकत करन स रक ज सक जस-जस भमगत यदध बढत ह, वस-वस इचछ क लपट, ज क अपहरण क समय सलग थ, जलद ह परलभन क एक खतरनक खल म बदल जत ह Translator: Anamika
О книге
| Издательство | Tektime S.r.l.s. |
|---|---|
| Год издания | 2021 |
| Язык | hi |
| Форматы | FB2.ZIP, TXT, TXT.ZIP, RTF.ZIP, A4.PDF, A6.PDF, MOBI.PRC, EPUB, IOS.EPUB, FB3 |
| Возрастное ограничение | 0 |
| ISBN | 9788835430056 |





